You are here
Home > Posts tagged "Congress"

नागौर को चुनना है: बेनीवाल-ब्रांड़ संघर्ष या बाबा की पोती ज्योति मिर्धा ।।

पावणा ने फलका खुवाना है, इंतजार करे। ज्योति मेरी बहन है, पर मायरा एक ही भरा जाता है। ज्यादा बेटी पीहर में अच्छी नही लगती। ये कहना है हनुमान बेनीवाल का। नागौर के युवाओं के प्रतिनिधि होने का वे दावा करते है पर उनकी सोच अभी तक दकियानूसी ही है। जाट

राजेन्द्र राठौड – राजनीति के जोकर के बदलते रंग

राजनीति की ताश में जोकर का रंग जरुर बदल सकता है पर उसकी औकात भी बदल जाए, ये जरुरी नही। ताश के खेल – पोकर, में जोकर का इस्तेमाल तिकड़ी बनाने के लिए तो किया जाता है पर जोकर कभी तुरुप नही होता। राजस्थान की राजनीति में राजेन्द्र राठौड का

ज्योति या हडुमान – नागौर का जाट धर्म संकट में

मारवाड़ ने नाथूराम मिर्धा, परसराम मदेरणा, रामनिवास मिर्धा और रामरघुनाथ चौधरी जैसे दिग्गज नेता देखे है, पर जाट राजनीति में ऐसा संकट कभी नही आया। इस बार नागौर के जाट को अपना राजनीतिक भविष्य तय करना है। नागौर का जाट ये तय़ करेगा कि वो हनुमान बेनीवाल के संघर्ष के

राजस्थान में राजपूत स्वाभिमान की लडाई नागौर पहुंची

ना कोई लीड़र है और ना ही कोई बैनर, पर राजपूतो के स्वाभिमान की असली लड़ाई अब राजस्थान की सत्ता के केन्द्र – नागौर में लड़ी जाय़ेगी। इतिहास गवाह है कि मारवाड का राज भले ही जोधपुर से चलता हो पर जब भी युद्ध का ढोल गांवों में बजाया जाता

जनता का मुख्यमंत्री बनाम “क्यूट” उप-मुख्यमंत्री में बदली राजस्थान की लड़ाई

“कितना क्यूट है वो, सीएम तो बनना ही चाहिए” चुनावी समर के दौरान राजस्थान में दिल्ली के कई दिग्गज पत्रकार मधुमक्खी की तरह भिनभिनाते नजर आये। उनमें से ज्यादातर, विशेषकर महिला पत्रकारो में, जिज्ञासा ये थी कि क्या सचिन पायलेट राजस्थान के मुख्यमंत्री होगे या नही। इस क्यूटनेस का जादू प्रियंका

2018 का चुनाव राजस्थान की जाट राजनीति को नयी दिशा देगा !!

राजस्थान में जाट राजनीति सबसे बड़ा फेक्टर है। वसुंधरा राजे ने पांच साल तक अपना तख्त जाटों के भरोसे ही बचाये रखा नही तो 2015 में उनकी ऱवानगी होना लगभग तय हो चुका थी। मोदी भी राजस्थान के जाटों से खौफ खाता है और यही कारण है कि वसुंधरा राजे

क्या जल जायेगी राजस्थान में हनुमान बेनीवाल की लंका !!

“लूम लपेटी लंक को जारा, लाह समान लंक जरी गयी।“ लंका तो पूरी तरह से जल जाने के करीब है – पर ये लंका है हडूमान की। पांच साल तक उछल कूद मचाने के बात राजस्थान में तीसरे मोर्चे की बात करने वाले हनुमान बेनीवाल केवल 67 विधानसभा सीटों पर ही

मानवेन्द्र सिंहः राजनीति के लिक्विड़ ऑक्सीजन में

पहले वे आपसे असहमत होते है, फिर विरोध करते है, फिर वे आपकी हत्या करते है औऱ बाद में आपको पूजने लगते है। ये है किसी भी व्यक्ति के महान से महात्मा बनने की सीढीयां। पर महानता की ओऱ अग्रसर किसी व्यक्ति को अगर लिक्विड़ ऑक्सीजन में ड़ाल दिया जाये

मानवेन्द्र सिंहः घर आजा परदेसी, तेरा देश बुलाये रै!!

'मैं अकेला ही चला था, जानिबे मंजिल की ओर, लोग आते गये और कांरवा बनता गया'। पर, मानवेन्द्र सिंह के साथ विडम्बना ये है कि मंजिल की ओर जाने का रास्ता जो उन्होने चुना वो रिंग रोड़ निकला। ब्लैक काफी और बीड़ी के धुंए के बीच मानवेन्द्र सिंह दिल्ली में

सचिन पायलट ने अपनी राजनीतिक आबरु लगायी दांव पर

"फटा पोस्टर निकला हीरो" की तर्ज पर आखिरकार राजस्थान में कांग्रेस के प्रत्याशियों की लिस्ट जारी हो ही गयी। चुनावी प्रक्रिया शुरु होने के चार दिन तक दिग्गजों के भंयकर घमासान की खबरों के बीच लिस्ट आयी तो पर निकली – फुस्स। कांग्रेस के दिग्गजों ने जिस तरह से एक

Top