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जनता का मुख्यमंत्री बनाम “क्यूट” उप-मुख्यमंत्री में बदली राजस्थान की लड़ाई

“कितना क्यूट है वो, सीएम तो बनना ही चाहिए” चुनावी समर के दौरान राजस्थान में दिल्ली के कई दिग्गज पत्रकार मधुमक्खी की तरह भिनभिनाते नजर आये। उनमें से ज्यादातर, विशेषकर महिला पत्रकारो में, जिज्ञासा ये थी कि क्या सचिन पायलेट राजस्थान के मुख्यमंत्री होगे या नही। इस क्यूटनेस का जादू प्रियंका

ओम माथुर फिर से वसुंधरा राजे की कुंड़ली के राहू साबित हुए !!

वसुंधरा राजे की कुंड़ली में ऐसा कोई योग नही जो उन्हे अनंत-विजय की ओऱ ले जाता है। पर, शनि की तगड़ी कृपा से उन्हे राजयोग की प्राप्ति हुई और बार बार उन्हे अपने शत्रुओं पर विजय प्राप्त हुई है। यज्ञ सिद्धी पर विश्वास रखने वाली वसुंधरा राजे ने, पीताम्बरा पीठ

2018 का चुनाव राजस्थान की जाट राजनीति को नयी दिशा देगा !!

राजस्थान में जाट राजनीति सबसे बड़ा फेक्टर है। वसुंधरा राजे ने पांच साल तक अपना तख्त जाटों के भरोसे ही बचाये रखा नही तो 2015 में उनकी ऱवानगी होना लगभग तय हो चुका थी। मोदी भी राजस्थान के जाटों से खौफ खाता है और यही कारण है कि वसुंधरा राजे

चुनावी नांव में हिचकोले खा रहे है राजस्थान की जनता के मुद्दे

नागौर में खरनाल के अलावा अगर कही वसुंधरा राजे जाट राणी होने के खटके दिखाने में विश्वास रखती है तो वो जगह है  - ओसियां। भोपालगढ़ के रिजर्व हो जाने के बाद मारवाड़ की जाट राजनीति का केन्द्र ओसियां है। आधे से ज्यादा खाली मैदान और ड़ूबते राजनीतिक सितारे का

क्या जल जायेगी राजस्थान में हनुमान बेनीवाल की लंका !!

“लूम लपेटी लंक को जारा, लाह समान लंक जरी गयी।“ लंका तो पूरी तरह से जल जाने के करीब है – पर ये लंका है हडूमान की। पांच साल तक उछल कूद मचाने के बात राजस्थान में तीसरे मोर्चे की बात करने वाले हनुमान बेनीवाल केवल 67 विधानसभा सीटों पर ही

RG forgot that Sachin Pilot had also figured in Paradise Papers

Rahul Gandhi may have inadvertently cited Shivraj Singh Chauhan’s son as one named in Panama Papers but what he forgot that in Rajasthan his protégé Sachin Pilot’s name had also figured in Paradise Papers. International Consortium of Investigative Journalists still has Sachin Pilot’s name on their website as minister from

नाते की औरत सा व्यवहार हो रहा है मानवेन्द्र सिंह से

राजस्थान में नाता प्रथा को एक कुरीति माना जाता है। कुरीति होने के बावजूद सामाजिक स्तर पर कई जातियां नाता प्रथा को आज भी स्वीकार करती है और कई जातियों ने इस पर प्रतिबंध लगा दिया है। वैसे भी सामाजिक पंरपराओं की शुरुआत किसी समस्या के हल के लिए होती

Maggu Met Pappu: It’s Advantage BJP in Rajasthan

रिड़मल थापियां तिकै राजा।। Decedents of Jodha became kings in Marwar but not without approval of decedents of Ranmal. This is an unwritten code of Rathore clan that one who is supported by the nobles, only - becomes the King. The Rathore clan of Malani stands divided today as they were

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