You are here
Home > Posts tagged "Vasundhara Raje" (Page 2)

सचिन पायलट – राजस्थान में डूबती भाजपा के तारणहार

राजस्थान में भारतीय जनता पार्टी के नेताओं की बांछे खिली हुई है। जब से राहुल गांधी ने धौलपुर से लेकर बीकानेर तक की यात्रा में सचिन पायलट के भावी मुख्यमंत्री होने का लुका छिपा सा संदेश दिया है, भाजपा का उत्साह दुगुना हो गया है। अजमेर में नरेन्द्र मोदी की

Arjun Meghwal: Luck may not kiss this son of Kismidesar again

MP Poonia, a Jat, at the helm of Government Engineering College in Bikaner (2005-07) kept his surname Poonia and gave away ‘MP’ in his name to Arjun Meghwal, he was secretary of Technical Education department. What academician Poonia got out of the deal was administrative satisfaction as Bikaner Engineering College

मारवाड़ के जाट को जानना है मानवेन्द्र सिंह के मांझी का नाम

राजस्थान में वसुंधरा राजे जब से आयी है, ऐसा कोई भी नेता कभी नही उबर पाया जिसका हाथ पकड़ कर उन्होने फोटो खींचा ली हो। चाहे वो किरोड़ी बैंसला हो या फिर किरोड़ी मीणा। मदन दिलावर आज तक अपने हालात पर रोते नजर आते है, वही हरिशंकर भाभड़ा से लेकर

कांग्रेस के लिए वसुंधरा राजे के ट्रॉजन हार्स साबित हो सकते है मानवेन्द्र सिंह

ट्रॉजन हार्स - कुख्यात कम्प्यूटर वायरस का ये नाम ग्रीक कथाओं से आया है। होमर ने अपने काव्य इलियड़ में वो कहानी सुनाई है जिसमें ग्रीक सेना जब ट्रॉय को हराने में कामयाब नही हुई तो वे एक लकड़ी का बड़ा घोड़ा उनके दरवाजे पर छोड़ कर पीछे हट गये।

राजस्थान में भाजपा के रंग में रंगा राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ

संघ वालों के तीन ही काम - भोजन, भाषण और विश्राम। पर अब वो बाते नही रही। संघ काम में जुटा है पर राष्ट्र निर्माण में नही बल्कि भारतीय जनता पार्टी के राज को लाने और बनाये रखने में। राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ एक सांस्कृतिक संस्था है जो भारतवर्ष में

हनुमान बेनीवाल – डूबती भाजपा के लिए फायदे का सौदा

राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे को जमूरे औऱ जोकर पालने का शौक है। भोकनें वाले कुत्तों को वो गोली मार दिया करती है। हनुमान बेनीवाल उनके हाथों का जमूरा है या नही यह सीधे सीधे कहना मुश्किल है पर  भाजपा और संघ से  बेनीवाल की करीबी कई बार  उन पर

मगरा क्षेत्र – राजनीति के भागीरथ की अनवरत तलाश में

भाजपा और कांग्रेस की चुनावी जंग का बिगुल राजस्थान में बज चुका है। जातियों के समीकरण और उन पर आधारित दावेदारियों की बहस अब पार्टी दफ्तरों, नेताओं के घरों और चाय की थड़ियों पर लड़ते पत्रकारों के बीच अनसुनी करने के बावजूद भी सुनाई दे ही जाती है। पर राजस्थान

मानवेन्द्र सिंह –  कड़क कॉफी के प्याले में उठे तूफान की नियति बीड़ी के धुंए में उड़ जाना है

कई लोगों के ये नही पता होगा कि जसवंत सिंह ने कभी बाड़मेर से कोई भी चुनाव नहीं जीता। बाड़मेर में अब जसवंत सिंह के पुत्र मानवेंद्र सिंह एक राजनीतिक तूफान पैदा करना चाहते है। साल 2014 के आम चुनाव के दौरान बाड़मेर में जसवंत सिंह ने अपनी पार्टी के

Maggu: A Storm in Black Coffee Cup may end up in Bidi smoke

Manvendra Singh, son of Jaswant Singh, in Barmer is brewing a political storm of sort. The limelight was on Barmer during 2014 general election when Jaswant Singh defied the order of the party, he was a founding member of, and fought election as independent. Polarisation in Barmer politics had peaked

Top