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एबी नेगेटिव डोनर किशन झा निभाया संकटमोचक का किरदार

कोटा – जैसे जैसे शहर में मौसमी बीमारियां बढ़ती जा रही है, उनसे लड़ने के लिए शहर के हर वर्ग के लोग सदाशयता दिखा रहे है। अब  पत्रकार, वकील, शिक्षक व व्यवसायी के बाद नगर निगम के कोटा बस परिवहन के चालन प्रबंधक किशन झा ने दूसरी बार सबसे दुर्लभतम कहलाने वाले ब्लड ग्रुप एबी नेगेटिव की एसडीपी डोनेट कर मानवता का परिचय दिया है।

टीम जीवनदाता के संस्थापक संयोजक व  लायंस क्लब कोटा टेक्नो के डायरेक्टर भुवनेश गुप्ता बताते है कि एबी नेगेटिव सबसे दुर्लभतम ग्रुप है और इसके शहर में बहुत कम रक्तदाता है। इसलिए जब भी इस ग्रुप की एसडीपी आवश्यकता आती है पूरे शहर में संबंधित लोगों में चर्चा आम रहती है। 

एक मरीज रमेश भील (35) प्लेट्लेट्स व रक्त की कमी से जूझ रहे थे। उनका हीमोग्लोबिन 11 व प्लेट्लेट्स 12000 से भी घटती जा रही थी। दुर्लभ ग्रुप के एसडीपी डोनर की व्यवस्था उनके लिए बहुत बड़ी समस्या थी और दिनभर की भागदौड़ के बावजूद भी कोई मदद नही हो पाई। रात को टीम के भुवनेश गुप्ता के पास सूचना आई तो सोशल मीडिया पर डालते ही सभी सक्रिय हो गए।

इसी जद्दोजहद में टीम के सहसंयोजक वर्द्धमान जैन का सम्पर्क नगर निगम के बस परिवहन निगम बस प्रबंधक किशन झा से संपर्क हो गया तब वे परिवार सहित झालावाड़ थे। उन्होंने विषय की गंभीरता को देखते हुवे पत्नी नूतन पाठक के साथ कोटा के लिए निकले व देर रात 1 बजे आरोग्य ब्लड बैंक पहुँचकर एसडीपी डोनेट की।

किशन (37) ने अपने जीवन की दूसरी बार एसडीपी डोनेट की व पूर्व में 50 बार ब्लड दे चुके है। किशन का कहना है कि वे हमेशा लाइव डोनर के रूप में एमरजेंसी में ब्लड बैंक आते है और अनजान के लिए रक्तदान कर मदद कर जाते है। दुर्लभतम ग्रुप होने के कारण उंनसे सभी की अपेशा रहती है औऱ संकटमोचक का किरदार निभाते है। पत्नी नूतन पाठक की प्रेरणा व साथ उनका रक्तदान के इस मानवीय कार्य में उनका सबसे बड़ा आत्मविश्वास है। उनके सहयोग से वे रक्तदान में शतक बनाने का संकल्प लिए हुवे है। ब्लड बैंक प्रशासन ने उनका सम्मान व अभिनन्दन किया।

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