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भीलवाड़ा में अर्धनग्न हो कर नरेगा मजदूर ने मांगा अपना पैसा

भीलवाडा – राजस्‍थान के भीलवाड़ा जिला कलेक्‍ट्रेट पर एक नरेगा मजदूर ने अपनी एक साल से बकाया मजदूरी के लिए न केवल अर्धनग्न अवस्‍था में पहुंचकर अनूठा प्रदर्शन किया बल्कि बचे हुए कपडों के जुगाड से जिला कलेक्‍टर का पुतला भी साथ में ले लिया। जिसमें अपनी ही शर्ट और धोती पेड की टहनी को बांधकर जिला कलेक्‍टर का पुतला बनाया और उसी पुतले को लेकर कलेक्‍ट्रेट के बाहर धरने पर बैठ गया। जिसका भुगतान उसे ना करके सरकारी तंत्र ने उसके भाई के बैंक खाते में कर दिया। नरेगा के इस गडबडझाले पर युवक के प्रदर्शन ने अधिकारियों को सांसत में डाल दिया। 

अर्धनग्न प्रदर्शन करने वाला युवक पांसल गांव का हंसराज गाडरी  मनरेगा में एक वर्ष से अटके हुए अपने वेतन की मांग कर रहा था। इस दौरान उसने अधिकारियों पर जमकर आरोप भी जडे। युवक के अर्द्धनग्‍न प्रदर्शन को देखते हुए जिला परिषद् के मुख्‍य कार्यकारी अधिकारी ने त्‍वरित कार्यवाही करते हुए सुवाणा विकास अधिकारी को जांच के निर्देश दिये और युवक को जल्‍द से जल्‍द भुगतान का आश्‍वासन दिया। इसके बाद कहीं जाकर युवक ने अपना धरना समाप्‍त किया। 

भीलवाड़ा में हंसराज गाड़री का अनूठा प्रदर्शन

अर्धनग्न होकर प्रदर्शन कर रहे हंसराज गाडरी ने कहा कि मैने एक साल पूर्व मनरेगा में काम किया था और अब तक ग्राम पंचायत उसका भुगतान नहीं कर रही है। मै इसको लेकर सरपंच मंशा देवी से भी मिला लेकिन उसके पति ने भी मुझे धक्‍के देकर निकाल दिया। इसके बाद मैं कलेक्‍टर के पास भी आया लेकिन वह मुझसे नहीं मिले। इसके कारण आज मुझे मजबूरन यहां पर प्रदर्शन करना पड रहा है। मेरी मांग है कि मुझे मेरा रूपया दिलवाया जाये। पुतले के बारे में पुछने पर हंसराज ने कहा कि यह भीलवाड़ा के गूंगे बहरे जिला कलेक्‍टर का पुतला है। इनकी जेब में जब तक रूपये नहीं रखो तब तक यह कोई काम नहीं करेगें। मेरे घर वाले भी मुझे तालाब में डुब जाने का ताना दे रहे है लेकिन बारिश नहीं हुई और तालाब में पानी भी नहीं है। अब मेरे पास तो एक ही रास्‍ता है कि मैं बांध में जाकर डुबकर आत्‍महत्‍या कर लूं। 

भीलवाड़ा जिला परिषद् के सीईओ रामचन्‍द्र बैरवा ने कहा कि इस सम्‍बन्‍ध में हमने सुवाणा विकास अधिकारी को तलब करके सोमवार तक जांच करने के निर्देश दिये है। यदि इसका भुगतान बाकी है तो मंगलवार तक कर दिया जायेगा और जो भी इसमें दोषी अधिकारी है उसके खिलाफ कार्यवाही की जायेगी। 

प्रदर्शन के बाद जांच में पता चला कि युवक हंसराज गाडरी का नरेगा का भुगतान उसके भाई में डाल दिया था। जिसके लिए वो एक साल से परेशान हो रहा था।

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